
सनसनी धोखाधड़ी
पहले लोन की बनाई फर्जी NOC, फिर उसी संपत्ति पर लिया ₹3.95 करोड़ का दूसरा लोन
सोलन, मनीष शर्मा 31 जुलाई 2025
सोलन शहर में बैंक धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले सेंट्रल बैंक से लिए गए लोन की फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तैयार की और फिर उसी संपत्ति को दोबारा गिरवी रखकर ₹3.95 करोड़ का ऋण भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से हासिल कर लिया।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सपरून, सोलन के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक श्री विश्वदीप चौहान ने पुलिस थाना सदर सोलन में शिकायत दर्ज करवाई है कि नीता अग्रवाल, निवासी अमर होटल, माल रोड सोलन ने अपनी फर्म एम/एस जीवीएम इंजीनियर्स के नाम से ₹50 लाख का ऋण प्लास्टिक के पानी के टैंक व कांटेदार तार की मशीनरी खरीदने के लिए लिया था। इस ऋण के लिए जितेन्द्र अग्रवाल ने अपनी लीज होल्ड संपत्ति बैंक के पक्ष में गिरवी रखी थी।
फर्जी दस्तावेज़ और धोखाधड़ी का पूरा खेल
शिकायत के अनुसार, ऋण स्वीकृत होने के बाद दिनांक 27.09.2019 को बैंक के लेटरहेड पर एक फर्जी NOC तैयार की गई, जिसका उपयोग राजस्व अभिलेखों से बैंक का ऋण भार हटवाने के लिए किया गया। इसके बाद लीज डीड को रद्द कर दिया गया और वही संपत्ति भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पक्ष में दोबारा गिरवी रख दी गई, जिसके बदले ₹3.95 करोड़ का दूसरा लोन प्राप्त किया गया।
आरोपियों पर आपराधिक षड्यंत्र का आरोप
इस पूरे प्रकरण में नीता अग्रवाल, जितेन्द्र अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक को धोखा देने का षड्यंत्र रचा। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 468, 471 के तहत पुलिस थाना सदर सोलन में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने बताया कि इस आर्थिक अपराध की जांच गंभीरता से जारी है और जल्द ही अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। बैंक अधिकारियों के अनुसार, यह एक पूर्व नियोजित धोखाधड़ी है, जिसमें बैंक की प्रतिष्ठा और धन दोनों को नुकसान पहुंचाया गया है।